कोरबाः युवती ने फोन पर बात नहीं की तो शाहबाज ने 51 बार पेचकस मारकर ले ली जान

कोरबा।  कोरबा में लव जिहाद का मामला सामने आया है, जिसमें शाहबाज नाम के युवक ने युवती को बस इस वजह से पेचकस से गोद दिया क्योंकि वह उससे फोन पर बात नहीं कर रही थी। शाहबाज उसे मारने के लिए गुजरात से फ्लाइट से छत्तीसगढ़ पहुंचा था। युवती आदिवासी समाज की थी, जो मतांतरण कर ईसाई बन गई थी।

कोरबा के पंप हाउस कालोनी में शनिवार को दिनदहाड़े 21 साल की युवती नीलकुसुम को पेचकस से 51 जगह गोदा गया। लाश के मुंह पर तकिया रखा हुआ था, उसकी चीख कोई और न सुन सके इसलिए आरोपित शाहबाज ने ऐसा किया। घटनास्थल से फ्लाइट की दो दिन पुरानी गुजरात की टिकट मिली है, जो शहबाज खान नाम से है। इस मामले में नीलकुसुम के स्वजन ने बताया कि शाहबाज तीन साल पहले जशपुर से कोरबा के बीच चलने वाली यात्री बस का कंडक्टर था। नीलकुसुम उससे बात नहीं करना चाहती थी इसलिए वह नाराज था। पुलिस को काल डिटेल से भी कुछ ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी।

आरोपित व्हाट्सएप काल के जरिए भी बात किया करता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अनुसार पेचकस के वार से हुए घाव के बाद अधिक खून बहने से नीलकुसुम की मौत हुई। उसके सीने पर पेचकस से 34 बार, पीठ की ओर 16 बार और बगल में एक बार वार किया गया था। हृदय के पास वाला जख्म ज्यादा गहरा था। शाहबाज को ढूंढने पुलिस की अलग-अलग चार टीम का गठन किया गया है।

घटना के वक्त नीलकुसुम की मां फूलजेना डीएवी स्कूल में काम करने गई हुई थीं। उसका भाई नीलेश मां को स्कूल छोड़ने के बाद दादरखुर्द स्वजन के पास चला गया था। नीलकुसुम घर पर अकेली थी। दोपहर करीब 12.30 बजे नीलेश घर लौटा और दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस पर वह घर के पीछे वाले हिस्से से भीतर पहुंचा तो देखा कि कमरे में जमीन पर नीलकुसुम की लाश पड़ी है। आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था।