कठुआ: सेना ने आतंकियों को घेरा, दो आतंकी ढेर; डीएसपी समेत पांच घायल

कठुआ। घुसपैठ कर आए आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने उज्ज दरिया से सटे सुफैन के अंबे नाल में घेर लिया है। वीरवार सुबह आठ बजे से भीषण गोलीबारी जारी है। दो आतंकी ढेर हो गए। डीएसपी और चार जवान गोलीबारी में घायल हुए हैं। पैरा कमांडो को एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया।

फिर घिरे आतंकी
हीरानगर के सन्याल गांव के पास रविवार को मुठभेड़ शुरू होने के बाद घेराबंदी से भाग निकले आतंकी फिर घिर गए हैं। इस बार इन्हें सुरक्षाबलों ने पहाड़ों से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जाने वाले उज्ज दरिया के किनारे अंबे नाल में घेरकर ऑपरेशन शुरू किया है।

कई जवान हुए घायल
सूत्रों के अनुसार बुधवार रात दो बजे एसएसपी कठुआ के नेतृत्व में एसओजी और सीआरपीएफ के दो सौ से ज्यादा जवानों ने इलाके में आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। सुबह रोशनी की पहली किरण के साथ ही इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को सुरक्षाबलों ने महसूस करते हुए घेराबंदी शुरू कर दी। सुबह आठ बजे आतंकियों से आमना-सामना होते ही गोलीबारी शुरू हो गई। प्राथमिक गोलीबारी में कुछ जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई, लेकिन गोलीबारी के बीच घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में समय लगा। सुबह करीब 11:15 बजे अखनूर निवासी एसपीओ भरत चलोत्रा को जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया। शाम पांच बजे हीरानगर के भगवाना चक निवासी एसपीओ हैप्पी शर्मा को जीएमसी कठुआ में उपचार के लिए लाया गया। हैप्पी शर्मा ग्रेनेड हमले में घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। शाम पांच बजे के लगभग सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक बार फिर भारी गोलाबारी का दौर शुरू हुआ। इसमें एक पैरा कमांडो के घायल होने के बाद उसे एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल ले जाया गया। उधर, ऑपरेशन के दौरान डीएसपी बॉर्डर धीरज कटोच को भी गोली लगी। उन्हें शाम के समय मुठभेड़ स्थल से बाहर लाया गया। फिलहाल उन्हें उपचार के लिए जीएमसी कठुआ लाया गया है।

मौके पर तैनात चार एंबुलेंस
मौके पर पहुंचे सीएमओ कठुआ ने बताया कि दो घायल जवानों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया है। एक पैरा कमांडो को भी हाथ में चोट लगी है। कुछ और लोगों के भी घायल होने की जानकारी है। लेकिन ऐसा पता चला है कि फिलहाल उन्हें मुठभेड़ वाले क्षेत्र से बाहर नहीं लाया जा सका है। चार एंबुलेंस को मौके पर तैनात रखा गया है।

आईजी, डीआईजी भी ऑपरेशन में शामिल
सुफैन के जंगलों में छिपे आतंकियों को ढेर करने के लिए पैरा कमांडो उतारे गए हैं। आईजी भीम सेन टूटी और डीआईजी शिव कुमार और सीआरपीएफ के आला अधिकारी भी मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षाबलों की तैयारी आतंकियों को अंधेरा ढलने से पहले ढेर करने की रही है। पिछली बार भी अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी सन्याल से भाग निकले थे। इनके खिलाफ चार दिन से सुरक्षाबल जंगल का चप्पा-चप्पा खंगाल रहे थे।

आतंकियों को ढेर करने का चलाया ऑपरेशन
आतंकियों को ढेर करने के लिए एक ओर जहां भारी संख्या में सुरक्षाबलों ने कठुआ के जुथाना की ओर से घेराबंदी की। वहीं बिलावर के धराल्ता और सुंदरीकोट की ओर से भी आतंकियों को घेर लिया गया है। सुरक्षाबल भी जानते हैं कि अंबे नाल से भाग निकलने के बाद आतंकियों के पास छिपने और पहाड़ों की ओर निकलने के लिए कई रूट हो जाएंगे। ऐसे में उन्हें ढेर करने में मुश्किलें आएंगे। लिहाजा सीमित घेरे में ही उन्हें ढेर करने के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है।