Twitter ने 8 डॉलर सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम को किया सस्पेंड, फेक अकाउंट बनी वजह

नईदिल्ली I ट्विटर ने ब्लू टिक के लिए 8 डॉलर सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम को सस्पेंड कर दिया है. कंपनी ने फर्जी अकाउंट के बढ़ते मामले को देखते हुए ये फैसला लिया. कंपनी ने हाल ही में इस प्रोग्राम को लॉन्च किया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई यूजर प्रमुख ब्रांडों के नाम से फर्जी अकाउंट बना रहे थे और सिस्टम दुरुपयोग कर रहे थे. इसी वजह से कंपनी ने ये फैसला किया.

ट्विटर ने इस सप्ताह सब्सक्रिप्शन सर्विस देने की शुरुआत की थी. इसके तहत जो कोई भी ट्विटर पर ब्लू टिक लेना चाहता है, उसे हर महीने आठ डॉलर देना होगा वो भी बिना किसी जांच पड़ताल के. इससे पहले एलन मस्क ने ट्वीट किया था कि ब्लू टिक निशान को देने में खूब भ्रष्टाचार हुआ है, इसलिए कोई विकल्प नहीं है बल्कि आगामी महीनों तक इस धांधली को खत्म करना होगा.ट्विटर के इस्तेमाल के लिए 8 डॉलर की घोषणा के बाद दुनियाभर में इसका पुरजोर विरोध किया गया. अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों के प्रमुख हस्तियों ने ट्विटर छोड़ने का ऐलान कर दिया. वहीं कुछ ने मस्क के फैसले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बड़ा प्रहार बताया.

ट्विटर का ग्रे ‘ऑफिशियल’ लेबल कुछ अकाउंट पर लौटा

इससे पहले ट्विटर ने एक बार फिर अपने कुछ प्रमुख अकाउंट के लिए ग्रे ऑफिशियल लेबल को जोड़ा है. दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क के कार्यभार संभालते ही कंपनी ने लेबल को बंद करने के कुछ ही समय बाद इस सप्ताह की शुरुआत में इसे फिर से शुरू किया. गुरुवार की रात एक बार फिर ये ट्विटर के अपने अकाउंट और अमेजन, नाइकी एवं कोका-कोला समेत कुछ बड़ी कंपनियों के अकाउंट पर नजर आया.

न्यूयॉर्क टाइम्स, द न्यूयॉर्कर समेत कुछ मीडिया कंपनियों को स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे यह लेबल मिला जबकि ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ एवं ‘द लॉस एंजिलिस टाइम्स’ जैसे कुछ मीडिया घरानों को यह निशान नहीं मिला. इस सप्ताह ट्विटर में ब्लू चेक टिक निशान सत्यापन प्रणाली में मस्क के उलटफेर करने के बाद से कुछ सेलेब्रिटी को भी आधिकारिक लेबल नहीं मिला.

पीएम मोदी समेत कई नेताओं को दिया था ऑफिशियल लेबल

ट्विटर ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं के वेरिफाइड हैंडल में ऑफिशियल लेबल जोड़ा था. हालांकि, कुछ देर के बाद ही कंपनी ने उसे हटा लिया. इसके बाद कंपनी ने कहा था कि इस नए फीचर को इसलिए जोड़ा गया ताकि ब्लू अकाउंट और वेरिफाइड अकाउंट के बीच का अंतर समझा जा सके.