छत्तीसगढ़ः 10वीं के स्टूडेंट पुलिस को छकाया, बोला- मुझ पर चाकू से अटैक हुआ, पुलिस खोजने लगी हमलावर तो कहा- सॉरी झूठ कहा था 

रायपुर। सिविल लाइन थाने का पुलिस स्टाफ उस वक्त हरकत में आया जब एक नाबालिग पर चाकू से जानलेवा हमले की खबर पहुंची । पुलिस हमलावर को खोजने लगी और अब इस केस में जो खुलासा हुआ है वह चौंकाने वाला है। पता चला है कि पूरा मामला ही फर्जी था।बच्चे ने अपने एक दोस्त से बदला लेने के लिए झूठी कहानी रच डाली थी। नाबालिग ने हमले की कहानी 2 दिन पहले सुनाई थी।

यह कांड सिविल लाइन थाना इलाके का है। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक स्कूली छात्र ने दावा किया था कि कुछ बदमाशों ने उसपर चाकू से हमला किया और भाग गए। बच्चे ने हाथों पर चोट के निशान कपड़े में खून के धब्बे भी दिखाए। शहर में इससे पहले भी नाबालिग बच्चों के बीच हमले, यहां तक कि हत्या के मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए पुलिस हरकत में आई मगर पूरा कांड फर्जी साबित हुआ।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि बच्चे की तरफ से मिली जानकारी के बाद बच्चे के चोट को जांच के लिए उसे भेजा गया । मेडिकल जांच में पता चला कि चोट चाकू से नहीं बल्कि बच्चे ने खुद अपने नाखूनों से अपने हाथ पर लगाया था। बच्चे ने अपने एक हाथ के नाखूनों को बड़ा रखा था यह जख्म उसी खरोच की वजह से आए थे । मेडिकल रिपोर्ट में यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की और बच्चे के माता-पिता को भी थाने बुलाया।

दोस्त को फसाना चाहता था

नाबालिग के माता-पिता थाने पहुंचे और पुलिस ने बताया कि बच्चा झूठ बोलकर खुद पर चाकू से हमले की कहानी रच रहा है। खुद को फंसता हुआ देखने के बाद बच्चा सच बोलने को राजी हुआ। उसने बताया कि स्कूल में साथ पढ़ने वाले दूसरे नाबालिग छात्र ने कुछ समय पहले उसके साथ झगड़ा किया था। नाबालिग का मोबाइल फोन गुम हो गया था वह इसके चोरी का इल्जाम अपने दोस्त पर लगा रहा था और उसी दोस्त को फंसाने के लिए खुद पर हमले की कहानी बना दी। बच्चे के कबूल करने के बाद माता-पिता ने भी पुलिस से माफी मांगी । रायपुर पुलिस ने कड़ी समझाइश देकर फिलहाल नाबालिग को छोड़ा है और आगे इस तरह की हरकत न करने की हिदायत दी है।