FIFA World Cup: अगले विश्व कप में भारत के खेलने की कितनी उम्मीद, कैसे 2026 के लिए क्वालीफाई करेगी टीम इंडिया?

नई दिल्ली। कतर में आयोजित फुटबॉल विश्व कप समाप्त हो चुका है। अर्जेंटीना की टीम तीसरी बार चैंपियन बन चुकी है। भारतीय टीम एक बार फिर से विश्व कप में नहीं दिखी और फैंस के मन में यह सवाल फिर से उठने लगा कि आखिर टीम इंडिया फुटबॉल के इस महाकुंभ में कब नजर आएगी? इससे संबंधित एक सवाल के जवाब में हाल ही में फीफा अध्यक्ष जियानी इंफैंटिनो ने अपनी राय रखी है।

इंफैंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा, ”अगला विश्व कप 2026 में होना है और भारत इसमें खेल सकता है। अगली बार 32 की जगह 48 टीमें हिस्सा लेंगी। ऐसे में भारत के पास क्वालीफाई करने का मौका होगा। मैं भारतीय फैंस को इस बारे में आश्वस्त करना चाहता हूं कि फीफा उनके देश में काफी काम कर रहा है। हम भारत में फुटबॉल को बड़ा करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।”

भारतीय संसद में भी उठा मामला
इंफैंटिनों के इस बयान से पहले भारतीय संसद में फुटबॉल टीम को लेकर चर्चा हो चुकी है। 20 दिसंबर को संसद के प्रश्नकाल के दौरान केरल के सांसद वीके श्रीकंदन ने युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से एक सवाल किया। उन्होंने पूछा, “क्या सरकार अगले फीफा विश्व कप के लिए भारत को योग्य बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर विचार कर रही है और यदि हां, तो उसका विवरण क्या है?” 

कतर में फीफा विश्व कप के सफल आयोजन, श्रीकंदन के सवाल और इंफैंटिनों के बयान ने भारतीय फुटबॉल को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब हम आपको यहां बता रहे हैं कि भारतीय टीम के 2026 विश्व कप में खेलने की कितनी उम्मीदें हैं, उसके लिए क्या रास्ता है और टीम इंडिया अभी कहां खड़ी है…

फीफा वर्ल्ड कप 2026

फीफा वर्ल्ड कप 2026

2026 में कैसा होगा विश्व कप का फॉर्मेट?
2026 में फुटबॉल विश्व कप का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होगा। यह पिछले सभी विश्व कप से अलग होगा। अगली बार टीमों की संख्या बढ़ने वाली है। 32 की जगह 48 टीमें हिस्सा लेंगी यानी इस साल के संस्करण से 16 टीमें ज्यादा। फीफा ने अभी यह नहीं बताया कि ग्रुप राउंड का फॉर्मेट क्या होगा, लेकिन 48 टीमों के शामिल होने की पुष्टि हो गई। एशियाई फुटबॉल महासंघ (AFC) को मिलने वाले स्लॉट की संख्या को लगभग दोगुनी हो जाएगी। अब आठ एशियाई टीमें हिस्सा ले सकेंगी।

भारतीय फुटबॉल टीम

भारतीय फुटबॉल टीम – फोटो : twitter@IndianFootball

भारत की राह अभी भी मुश्किल
फीफा ने भले ही टीमों की संख्या को बढ़ाकर 32 से 48 कर दिया है, लेकिन टीम इंडिया की राह अभी भी कठिन है। फीफा की ताजा रैंकिंग के मुताबिक, भारत 106वें स्थान पर है। एशिया में उसका स्थान 19 है। वह वियतनाम, लेबनान, बहरीन, फिलिस्तीन और सीरिया से भी पीछे है। इसका मतलब यह है कि अगर एशिया से आठ टीमें भी जाती हैं तो भारत को इसमें शामिल होने के लिए कई उलटफेर करने होंगे।

भारत इस मामले में नॉर्थ कोरिया से प्रेरणा ले सकता है। वह 2010 में 105वें स्थान पर रहने के बावजूद विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर गया था। इस साल रैंकिंग में सबसे निचली टीम घाना की थी। वह 61वें स्थान पर था। भारत ने हाल के दिनों में एशियाई टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। उसने अफगानिस्तान, बांग्लादेश, कंबोडिया, हॉन्ग कॉन्ग, मालदीव और नेपाल को हराया है। हालांकि, वह बहरीन, जॉर्डन और यूएई जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हारा भी है।

सुनील छेत्री

सुनील छेत्री – फोटो : ट्विटर 

एशियाई टीमों के लिए क्या है फॉर्मेट?
एक अगस्त 2022 को एशियाई फुटबॉल परिसंघ कार्यकारी समिति ने 2026 विश्व कप के साथ-साथ 2027 एएफसी एशियाई कप के लिए आठ सीधे स्थानों और एक अंतरमहाद्वीपीय प्ले-ऑफ स्लॉट के लिए प्रारूप को मंजूरी दी थी। इसमें कुल पांच राउंड होने हैं। मौजूदा रैंकिंग के मुताबिक, टीम इंडिया को दूसरे राउंड से खेलना होगा।

क्वालीफिकेशन फॉर्मेट इस तरह है: 

  • पहला राउंड:  बाईस टीमें (एशिया में 26से 47 रैंक की) दो चरणों में होम-एंड-अवे फॉर्मेट में खेलेंगी। इनमें से 11 अगले दौर में पहुंचेंगे। 
  • दूसरा राउंड: 36 टीमों (रैंक 1-25 और ग्यारह पहले दौर के विजेता) को चार टीमों के नौ ग्रुप में बांटा जाएगा। अठारह ग्रुप विजेता और उपविजेता तीसरे दौर के लिए आगे बढ़ेंगे।
  • तीसरा राउंड: दूसरे दौर से आगे बढ़ने वाली 18 टीमों को छह टीमों के तीन ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। वहीं, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें चौथे दौर में जाएंगी।
  • चौथा राउंड: तीसरे दौर से आगे बढ़ने वाली छह टीमों को तीन-तीन टीमों के दो ग्रुप में विभाजित किया जाता है। ग्रुप में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। ग्रुप की विजेता टीम विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर जाएगी।
  • पांचवां राउंड: चौथे दौर में ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। उनमें से कोई एक इंटर-कंफेडरेशन प्ले-ऑफ में जाएगी। अगर वह टीम वहां जीत लेती है तो आगे बढ़ जाएगी।