जांजगीरः चाचा-भतीजे को फांसी की सजा, धारदार हथियार से 2 मिनट में 56 वार कर पंच को उतार दिया था मौत के घाट 

हत्या के दोषी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा। - Dainik Bhaskar

जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिले के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने सोमवार को पंच की हत्या करने के मामले में 2 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों दोषी चाचा-भतीजे सोहित केंवट और सुनील केंवट पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। लोक अभियोजक राजेश पांडेय ने बताया कि मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तुस्मा गांव का है। हत्या की वारदात 20 नवंबर 2021 को हुई थी।

लोक अभियोजक ने कहा कि तुस्मा गांव के पंच भागवत साहू (46 वर्ष) से जमीन बिक्री की रकम को लेकर विवाद था। जिसके बाद सोहित (30 वर्ष) और सुनील (23 वर्ष) ने धारदार कत्ते से वार कर भागवत साहू की दिनदहाड़े गली में हत्या कर दी थी। दोनों हत्यारे आपस में चाचा-भतीजा लगते हैं। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इसके बाद दोनों आरोपी पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। फिर हत्या की वारदात को कबूलते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया था।

घटना के बाद शिवरीनारायण पुलिस ने सोहित और सुनील केंवट को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। अब घटना के 10 महीने के बाद मामले में फैसला आया है और दोनों को दोषी करार देते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई है।

कत्ते से 56 वार कर उतारा था पंच को मौत के घाट

जमीन बेचने के 2 साल बाद भी जब पंच भागवत साहू ने कीमत का भुगतान नहीं किया, तो चाचा-भतीजे ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। उन्होंने पंच पर धारदार कत्ते से 2 मिनट में 56 वार किए थे। हत्या के बाद दोनों युवक घटनास्थल से 300 मीटर दूर स्थित 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ गए थे और अपनी जमीन वापस दिलाने व जमीन पर बने मकानों को तोड़ने की मांग का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। बाद में पुलिस-प्रशासन की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा था।

दोनों ने बताया था कि उनके पूरे परिवार की केरा रोड ललारी पुल के पास स्थित जमीन को 2 साल पहले भागवत साहू ने बिकवा दिया था, जिसकी रकम उन्हें नहीं दी गई। उन्हीं की जमीन पर वो आलीशान मकान बनवा रहा था, जबकि उनके 5 भाई बेहद गरीबी में मजदूरी करते हुए अपना जीवनयापन कर रहे थे। उनके पास छोटा सा घर था, जिसमें पूरा परिवार ठीक से नहीं रह पा रहा था और घर बनवाना उन्होंने शुरू किया था, जो पैसों की कमी के कारण पूरा नहीं हो सका था, इसलिए उन्होंने गुस्से में आकर पंच की हत्या कर दी थी।