छत्तीसगढ़: साय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर, जानिए पूरी डिटेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 3 मार्च को बजट पेश होना है. इससे ठीक एक दिन पहले रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक ली. बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में आगामी बजट समेत कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए गए हैं.

कैबिनेट बैठक में लिए गए ये अहम फैसले:

आबकारी नीति 2025-26 को मिली मंजूरी
  • मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति को अनुमोदित किया. यह नीति वर्ष 2024-25 के समान होगी. इसमें 674 मदिरा दुकानें संचालित की जाएंगी तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानों का संचालन भी जारी रहेगा. विदेशी मदिरा की खरीद व वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.
  • इसके अलावा, विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिससे शराब उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
लोक परिसर (बेदखली) संशोधन विधेयक को मंजूरी
  • मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी. इस विधेयक से सरकारी परिसरों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की प्रक्रिया को और सशक्त किया जाएगा.

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा

  • राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट हेतु गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया. वर्तमान में 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पीएफआईसी (PFIC) द्वारा स्वीकृत की जाती हैं. इससे अनुमोदन प्रक्रिया का दोहराव हो रहा था, जिसे खत्म करने के लिए यह निर्णय लिया गया है.

उपभोक्ता विवाद निपटान के लिए नया पद सृजित

  • छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एक नए सदस्य पद के सृजन का निर्णय लिया गया.

धान एवं चावल परिवहन की नई दरों को स्वीकृति

  • खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना के तहत धान और चावल परिवहन दरों को तय करने वाली राज्य स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकृति प्रदान की गई.

श्रम कानूनों में संशोधन को मंजूरी

  • मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के तहत कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 और ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप को मंजूरी दी. इन संशोधनों से श्रमिक हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक माहौल को भी मजबूती मिलेगी.

रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन

  • रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दी. साथ ही, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के रिक्त पदों को भरने के लिए पांच वर्षों की अर्हकारी सेवा में एक बार की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया.

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को और प्रभावी बनाने के प्रयास

  • छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर 2024 से लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन को स्वीकृति दी गई.

आजीविका सृजन एवं ग्रामीण विकास के लिए एमओयू

  • छत्तीसगढ़ सरकार और व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के बीच आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ के कल्याण से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (MoU) के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया.

मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक में लिए गए फैसले:

  • राज्य के किसानों को नवीन उन्नत किस्मों और गुणवत्ता युक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार क्रय नियम-2002 के नियम 4 में छूट प्रदत्त संस्थाओं की सूची में विस्तार करने का निर्णय लिया गया. इसके तहत सर्वप्रथम बीज का उपार्जन बीज निगम द्वारा राज्य के पंजीकृत बीज उत्पादक किसानों से किया जाएगा. इसके पश्चात आवश्यकता की पूर्ति के लिए राज्य की बीज उत्पादक सहकारी समितियों, भारत सरकार एवं राज्य सरकार के बीज उत्पादन करने वाले उपक्रमों, नाफेड, म.प्र. बीज महासंघ की समितियां, भारत सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में इम्पैनल्ड सेंट्रल नोडल सीड एजेंसी के रूप में चयनित संस्थाओं को बीज निगम द्वारा जारी ऑफर लेटर में से न्यूनतम मूल्य प्रस्तुत करने वाली संस्था या एजेंसी से किया जाएगा.
  • छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.
  • छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के पंचम सत्र माह फरवरी-मार्च 2025 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का मंत्रिपरिषद ने अनुमोदन किया.
  • खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर किसानों से उपार्जित धान की शेष राशि का भुगतान करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को स्वीकृत अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि 3300 करोड़ की अनुमति का अनुमोदन किया गया.
  • बैंक गारंटी से संबंधित विलेखों पर स्टाम्प शुल्क की दरों के निर्धारण के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.
  • मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कैडर के भारतीय वन सेवा के 30 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण कर चुके 1992 से 1994 बैच तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ अधिकारियों को गैर कार्यात्मक (Non-functional) आधार पर यथास्थान (In situ) प्रधान मुख्य वन संरक्षक के समकक्ष स्केल प्रदाय करने आवश्यक पद सृजन का निर्णय लिया गया.