छत्तीसगढ़: भीमा मंडावी की बेटी बोली- पार्टी के लिए पिता ने जान दी, अब नेताओं ने मां का टिकट काटा

दंतेवाड़ा। ‘मेरे पिता ने पार्टी के लिए अपना बलिदान दे दिया। पापा के जाने के बाद हमें अपने कल का पता नहीं था। मम्मी ने हमें संभाला, पापा के अधूरे सपने को पूरा करने पार्टी में पापा की जगह ली। लेकिन, अब पार्टी ने मम्मी को टिकट न देकर पिता के बलिदान को व्यर्थ कर दिया है। मैं पार्टी के हर नेता से, कार्यकर्ताओं से पूछना चाहती हूं क्या पार्टी में मेरे पापा के बलिदान की कोई कीमत नहीं ?’

यह कहना है दंतेवाड़ा के दिवंगत BJP नेता भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी का। दीपा ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो पोस्ट किया है। मां ओजस्वी भीमा मंडावी को टिकट नहीं मिलने की वजह से बेटी ने पार्टी पर नाराजगी जाहिर की है।

इस वीडियो के माध्यम से दीपा कह रही हैं कि, मां ओजस्वी भीमा मंडावी को भाजपा ने विधानसभा टिकट न देकर पिता के बलिदान को व्यर्थ किया है। पिता के कई अधूरे सपने थे, जिसे पूरा करने के लिए मां ने राजनीति में कदम रखा, पार्टी ज्वाइन की। दंतेवाड़ा की जनता आज भी मेरे पापा को चाहती है।

बता दें कि भीमा मंडावी के 4 बच्चे हैं। इनमें दीपा मंडावी सबसे बड़ी है जो अभी फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही है। दीपा से छोटा एक भाई और 2 बहन हैं। अब उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

साल 2019 को भीमा मंडावी लोकसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार कर बचेली से नकुलनार के रास्ते घर लौट रहे थे। इसी बीच कुआकोंडा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर उनकी कार को उड़ा दिया था। जिसमें विधायक भीमा मंडावी समेत उनकी गाड़ी में सवार 3 जवान और एक वाहन चालक की मौत हुई थी।

साल 2008 के चुनाव में भाजपा ने दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस के महेंद्र कर्मा के सामने पंचायत सचिव भीमा मंडावी को उतारा था। भीमा ने यह चुनाव जीत लिया था। फिर साल 2013 में झीरम में नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी थी।

फिर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को चुनाव में खड़ा किया। उनके सामने भाजपा से भीमा मंडावी थे। हालांकि, इस चुनाव में भीमा मंडावी को हार का सामना करना पड़ा था।

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में देवती कर्मा और भीमा फिर से आमने-सामने थे। इस चुनाव में भीमा मंडावी ने देवती कर्मा को महज 2100 वोटों से परास्त किया था। 2019 में नक्सलियों ने भीमा मंडावी की हत्या की तो उपचुनाव हुआ।

उपचुनाव में भाजपा ने भीमा की पत्नी ओजस्वी को चुनावी मैदान में उतारा था। उनके सामने कांग्रेस की देवती कर्मा थीं। इस उपचुनाव में देवती कर्मा 11 हजार 331 से अधिक मतों से जीत गई और दंतेवाड़ा सीट पर कब्जा किया।

अब 2023 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट से चेहरा बदला और चैतराम अटामी को अपना प्रत्याशी बनाया है। दो दिन पहले पार्टी ने चैतराम अटामी के नाम की घोषणा की है। इधर, अब ओजस्वी के समर्थकों में नाराजगी भी है।